# जैन धर्म (Jainism) – सम्पूर्ण नोट्स
## परिचय
जैन धर्म भारत के सबसे प्राचीन धर्मों में से एक है। इसका उद्देश्य सत्य, अहिंसा, आत्मसंयम और मोक्ष की प्राप्ति है। जैन धर्म के अनुसार मनुष्य अपने कर्मों के आधार पर जन्म-मरण के चक्र से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त कर सकता है।
जैन धर्म के प्रवर्तक भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) माने जाते हैं, जबकि भगवान महावीर इसके 24वें और अंतिम तीर्थंकर थे।
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## जैन धर्म के 24 तीर्थंकर
✔ प्रथम तीर्थंकर – भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ)
✔ 23वें तीर्थंकर – भगवान पार्श्वनाथ
✔ 24वें एवं अंतिम तीर्थंकर – भगवान महावीर
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## भगवान महावीर
✔ जन्म – 599 ईसा पूर्व (पारंपरिक मान्यता)
✔ जन्म स्थान – कुंडग्राम (वैशाली, बिहार)
✔ पिता – सिद्धार्थ
✔ माता – त्रिशला
✔ पत्नी – यशोदा
✔ ज्ञान प्राप्ति – जृम्भिकग्राम (ऋजुपालिका नदी के तट पर)
✔ प्रथम उपदेश – पावापुरी के निकट
✔ निर्वाण – पावापुरी (बिहार)
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## जैन धर्म के प्रमुख सिद्धांत
✔ अहिंसा (Non-Violence)
✔ सत्य (Truth)
✔ अस्तेय (चोरी न करना)
✔ अपरिग्रह (संपत्ति का त्याग)
✔ ब्रह्मचर्य (Celibacy)
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## त्रिरत्न (Three Jewels)
जैन धर्म में मोक्ष प्राप्ति के लिए तीन रत्न बताए गए हैं—
✔ सम्यक दर्शन
✔ सम्यक ज्ञान
✔ सम्यक चरित्र
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## जैन धर्म के प्रमुख संप्रदाय
✔ दिगंबर
✔ श्वेतांबर
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## जैन धर्म के प्रमुख ग्रंथ
✔ आगम
✔ कल्पसूत्र
✔ तत्वार्थ सूत्र
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## जैन धर्म का योगदान
✔ अहिंसा का प्रचार
✔ जीवों के प्रति दया
✔ व्यापार एवं उद्योग को बढ़ावा
✔ भारतीय कला एवं स्थापत्य का विकास
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## महत्वपूर्ण तथ्य
✔ जैन धर्म में ईश्वर की पूजा की अपेक्षा आत्मशुद्धि पर बल दिया जाता है।
✔ जैन धर्म कर्म सिद्धांत में विश्वास करता है।
✔ महावीर स्वामी को "वर्धमान" भी कहा जाता है।
✔ पावापुरी जैन धर्म का प्रमुख तीर्थ स्थल है।
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## परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य
✔ प्रथम तीर्थंकर – ऋषभदेव
✔ अंतिम तीर्थंकर – महावीर
✔ 23वें तीर्थंकर – पार्श्वनाथ
✔ त्रिरत्न – सम्यक दर्शन, ज्ञान, चरित्र
✔ पंच महाव्रत – अहिंसा, सत्य, अस्तेय, अपरिग्रह, ब्रह्मचर्य
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## MCQs
**प्रश्न 1. जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर कौन थे?**
A. ऋषभदेव
B. पार्श्वनाथ
C. महावीर स्वामी
D. नेमिनाथ
**उत्तर – C. महावीर स्वामी**
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**प्रश्न 2. जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर कौन थे?**
A. महावीर
B. पार्श्वनाथ
C. ऋषभदेव
D. अजितनाथ
**उत्तर – C. ऋषभदेव**
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**प्रश्न 3. महावीर स्वामी का निर्वाण कहाँ हुआ था?**
A. राजगृह
B. वैशाली
C. पावापुरी
D. सारनाथ
**उत्तर – C. पावापुरी**
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**प्रश्न 4. जैन धर्म के तीन रत्न कौन-से हैं?**
A. सत्य, अहिंसा, दया
B. सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चरित्र
C. धर्म, अर्थ, काम
D. दान, तप, पूजा
**उत्तर – B. सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चरित्र**
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## त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
✔ प्रथम तीर्थंकर – ऋषभदेव
✔ अंतिम तीर्थंकर – महावीर
✔ 23वें तीर्थंकर – पार्श्वनाथ
✔ त्रिरत्न – सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चरित्र
✔ पंच महाव्रत – अहिंसा, सत्य, अस्तेय, अपरिग्रह, ब्रह्मचर्य
✔ निर्वाण – पावापुरी
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## निष्कर्ष
जैन धर्म भारत की प्राचीन धार्मिक परंपराओं में से एक है। इसके अहिंसा, सत्य और आत्मसंयम के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं। SSC, Railway, Banking, Police, UPSC, Rajasthan CET तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में जैन धर्म से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।