भारतीय संविधान की प्रस्तावना (Preamble)
परिचय
प्रस्तावना संविधान का परिचय है। इसमें संविधान के उद्देश्य, आदर्श और मूल सिद्धांतों का वर्णन किया गया है। इसे संविधान की आत्मा (Soul of the Constitution) भी कहा जाता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
प्रस्तावना संविधान का परिचय है।
इसे संविधान की आत्मा कहा जाता है।
प्रस्तावना को 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा संशोधित किया गया।
इसमें समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता शब्द जोड़े गए।
प्रस्तावना के प्रमुख शब्द
हम भारत के लोग
संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न
समाजवादी
पंथनिरपेक्ष
लोकतांत्रिक
गणराज्य
न्याय
स्वतंत्रता
समानता
बंधुत्व
42वाँ संविधान संशोधन (1976)
जोड़े गए शब्द:
समाजवादी
पंथनिरपेक्ष
अखंडता
Exam Point
✅ प्रस्तावना संविधान का हिस्सा है।
✅ प्रस्तावना को संशोधित किया जा सकता है।
✅ केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य (1973) मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने प्रस्तावना को संविधान का अभिन्न भाग माना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| विषय | विवरण |
|---|---|
| अपनाई गई | 26 नवंबर 1949 |
| लागू हुई | 26 जनवरी 1950 |
| संशोधन | 42वाँ संविधान संशोधन (1976) |
MCQs
1. प्रस्तावना में 'समाजवादी' शब्द किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया?
A. 24वाँ
B. 42वाँ ✅
C. 44वाँ
D. 52वाँ
2. प्रस्तावना को संविधान की क्या कहा जाता है?
A. आधार
B. आत्मा ✅
C. शक्ति
D. प्रस्ताव
3. प्रस्तावना में कौन-सा शब्द बाद में जोड़ा गया?
A. न्याय
B. लोकतांत्रिक
C. पंथनिरपेक्ष ✅
D. गणराज्य
Previous Year Exam Fact
SSC, Railway और Police परीक्षाओं में 42वें संविधान संशोधन तथा प्रस्तावना के प्रमुख शब्दों पर अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं।
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भारतीय संविधान की विशेषताएँ (Features of the Indian Constitution)